उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन ने गांधी जयंती पर आयोजित की बाल चित्रकला प्रतियोगिता, 20 बच्चों ने लिया हिस्सा

0 Sonia Sharma (Founder, UMBS Foundation)
गांधी जयंती पर बाल चित्रकला प्रतियोगिता

गांधी जयंती पर बच्चों के लिए विशेष पहल

महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन द्वारा 2 अक्टूबर 2026 को नेब सराय, साकेत, दक्षिण दिल्ली में बाल चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक सकारात्मक मंच उपलब्ध कराना और उनकी रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना था।

प्रतियोगिता में नर्सरी से लेकर कक्षा 5 तक के 20 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने रंगों और चित्रों के माध्यम से अपनी कल्पना को कागज पर उतारा।

संस्था की ओर से इस आयोजन को केवल एक प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास और प्रतिभा को बढ़ाने वाली गतिविधि के रूप में आयोजित किया गया।


गरीब परिवारों के बच्चों को भी मिला अवसर

कार्यक्रम की एक खास बात यह रही कि गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को भी प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर दिया गया। संस्था का मानना है कि प्रतिभा किसी आर्थिक स्थिति की मोहताज नहीं होती।

कई बार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। ऐसे बच्चों को मंच उपलब्ध कराना सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन ने इसी सोच के साथ बच्चों को प्रतियोगिता में शामिल किया और उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे बिना किसी झिझक के अपनी कला को सामने रखें।


बच्चों ने चित्रों के माध्यम से दिखाई कल्पना

बाल चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेते बच्चे

चित्रकला प्रतियोगिता के दौरान बच्चों में काफी उत्साह दिखाई दिया। अलग-अलग उम्र के बच्चों ने अपनी समझ और कल्पना के अनुसार चित्र बनाए।

छोटे बच्चों के लिए इस तरह की गतिविधियां मनोरंजन के साथ-साथ सीखने का भी माध्यम बनती हैं। चित्र बनाते समय बच्चे अपनी सोच को रंगों और आकृतियों के माध्यम से व्यक्त करते हैं।

प्रतियोगिता का वातावरण बच्चों के लिए उत्साहपूर्ण रहा। बच्चों को अपनी कला प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन दिया गया और उन्हें बताया गया कि प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करना ही सफलता का एकमात्र मापदंड नहीं है।


 विजेता बच्चों को किया गया सम्मानित

बाल चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता बच्चे
बाल चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता बच्चे

बाल चित्रकला प्रतियोगिता के परिणाम में बच्चों ने अपनी प्रतिभा के आधार पर स्थान प्राप्त किए।

🥇 प्रथम स्थान — आन्या जोशी

🥈 द्वितीय स्थान — अमित कुमार

🥉 तृतीय स्थान — अद्विक

विजेता बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। संस्था की ओर से बच्चों की मेहनत और रचनात्मकता की सराहना की गई।

विजेता बच्चों के लिए यह सम्मान उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला अवसर रहा। संस्था ने बच्चों को भविष्य में भी इसी तरह अपनी प्रतिभा को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

विवेक, अर्श और तुषार को विशेष उपहार

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों में विवेक, अर्श और तुषार को भी विशेष उपहार प्रदान किए गए।

संस्था का प्रयास रहा कि बच्चों के बीच केवल जीत और हार की भावना न रहे, बल्कि प्रत्येक बच्चे को अपनी सहभागिता के लिए प्रोत्साहन मिले।

बच्चों के लिए उपहार केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि उनके प्रयासों की सराहना का प्रतीक रहे। इससे बच्चों में आगे भी ऐसी रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने की इच्छा और उत्साह बढ़ता है।


किसी बच्चे को नहीं लौटना पड़ा निराश

कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण पहल यह रही कि प्रतियोगिता में शामिल सभी 20 बच्चों को संस्था की ओर से कुछ न कुछ उपहार दिया गया।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी बच्चा केवल इसलिए निराश होकर घर न लौटे कि उसे प्रतियोगिता में स्थान नहीं मिला।

संस्था की इस पहल से बच्चों में खुशी देखने को मिली। सभी प्रतिभागियों को यह संदेश दिया गया कि प्रतियोगिता में भाग लेना और अपनी प्रतिभा को सामने रखना भी अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

ऐसी गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और एक-दूसरे का सम्मान करने की भावना विकसित करने में मदद करती हैं।


सोनिया शर्मा ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह

उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन की संस्थापिका सोनिया शर्मा ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि बच्चों को आगे बढ़ने के लिए सही अवसर और प्रोत्साहन मिलना बहुत जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बच्चों के अंदर प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती। आवश्यकता केवल इस बात की है कि उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए उचित मंच मिले।

उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ कला, खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए।

संस्था भविष्य में भी बच्चों के लिए इस प्रकार की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य करने की बात कहती है।


सेवा, शिक्षा और बच्चों के विकास की दिशा में प्रयास

उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन द्वारा समय-समय पर शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, बच्चों के विकास, पर्यावरण और जरूरतमंद परिवारों की सहायता से जुड़े सामाजिक कार्य किए जाते हैं।

गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित बाल चित्रकला प्रतियोगिता भी इसी सामाजिक सोच का हिस्सा रही। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सकारात्मक वातावरण में आगे बढ़ने का अवसर मिला।

कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को प्रोत्साहित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

🌼 बच्चों के नाम प्रेरक संदेश 🌼

उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन की संस्थापिका सोनिया शर्मा
सोनिया शर्मा
संस्थापिका
उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन

“हर बच्चे के भीतर कोई न कोई विशेष प्रतिभा छिपी होती है। जरूरत केवल उसे पहचानने, प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ने का अवसर देने की है। आर्थिक परिस्थितियां किसी बच्चे के सपनों और प्रतिभा के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए।”

बच्चों को शिक्षा के साथ कला, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना उनके आत्मविश्वास और व्यक्तित्व के विकास के लिए जरूरी है। हमारा प्रयास है कि हर बच्चे को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले और कोई भी बच्चा प्रोत्साहन से वंचित न रहे।

— सोनिया शर्मा

🌿 उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन 🌿

उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन का उद्देश्य सेवा के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जरूरतमंद लोगों तक सहयोग पहुंचाना है।

“ज्ञान, सेवा और विकास की ओर”

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