॥ श्री गणेशाय नमः ॥
उदलहेड़ी में हुआ भव्य सम्मान
प्राचीन श्री शिव मंदिर, उदलहेड़ी • हरिद्वार • 9वाँ महोत्सव
आस्था और उत्सव का संगम
भारत त्योहारों का देश है और गणेश चतुर्थी उन पावन पर्वों में से एक है जो ज्ञान, विवेक, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हरिद्वार जनपद के उदलहेड़ी स्थित प्राचीन श्री शिव मंदिर में 9वें श्री गणेश चतुर्थी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। दिनांक 14 सितम्बर 2026 को श्री गणेश विग्रह मूर्ति स्थापना के साथ शुरू हुआ यह महोत्सव पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बना हुआ है।
इस वर्ष के महोत्सव को और भी विशेष बना दिया समाजसेवी, उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन की संस्थापिका और राष्ट्रीय सनातन सेना की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सोनिया शर्मा जी की गरिमामयी उपस्थिति ने। आयोजकों द्वारा उन्हें विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।
महोत्सव का कार्यक्रम विवरण
श्री शिव मंदिर समिति द्वारा जारी निमंत्रण पत्र के अनुसार इस महोत्सव का कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित रहा। श्री गणेश विग्रह मूर्ति स्थापना दिनांक 14 सितम्बर 2026 को प्रातः 07:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ की गई। इसके पश्चात प्रतिदिन प्रातः 06:00 बजे और शाम 06:00 बजे दैनिक आरती का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल हो रहे हैं।
महोत्सव के अंतर्गत दिनांक 24 सितम्बर 2026 को दोपहर 11 बजे से प्रभु इच्छा तक विशाल भंडारे का आयोजन रखा गया है। वहीं श्री गणपति विसर्जन का कार्यक्रम दिनांक 25 सितम्बर 2026 को श्री शिव मंदिर, उदलहेड़ी से पैंपलेश्वर महादेव मंदिर, मंगलौर तक शोभायात्रा के रूप में निकाला जाएगा। आयोजकों ने विशेष रूप से नोट जारी किया है कि शोभायात्रा में किसी भी प्रकार का नशा करके शामिल न हों और विसर्जन क्रेन द्वारा किया जाएगा।
विशेष अतिथि सोनिया शर्मा का आगमन और पूजा-अर्चना
महोत्सव के दौरान जब समाजसेवी सोनिया शर्मा जी मंदिर परिसर में पहुंचीं तो समस्त ग्रामवासियों और आयोजक मंडल ने उनका फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने सर्वप्रथम भगवान श्री गणेश जी के दरबार में मत्था टेका, दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की।
पूजा के पश्चात उन्होंने भगवान श्री गणेश से पूरे क्षेत्र की सुख, शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारे के लिए प्रार्थना की। उनका कहना था कि गणपति बप्पा विघ्नहर्ता हैं और जहाँ उनकी कृपा होती है वहाँ कोई भी विघ्न टिक नहीं सकता। उनके सरल और भक्ति भाव से सभी श्रद्धालु अत्यंत प्रभावित हुए।
आयोजकों और ग्रामवासियों द्वारा भव्य सम्मान
कार्यक्रम के मुख्य कार्यकर्ता हिन्दू नैनपाल सिंह जी एवं समस्त ग्रामवासी एवं गणगण समिति द्वारा मंच पर सोनिया शर्मा जी का शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य सम्मान किया गया।
इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि सोनिया शर्मा जी लगातार समाजसेवा के क्षेत्र में जो कार्य कर रही हैं, विशेषकर महिला सशक्तिकरण, सनातन संस्कृति के प्रचार और जरूरतमंदों की सहायता के लिए, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। इसलिए उन्हें इस पावन मंच पर आमंत्रित करना हम सभी के लिए गौरव की बात है।
सम्मान के उत्तर में सोनिया शर्मा जी ने कहा, “यह सम्मान मेरा नहीं, बल्कि आप सभी के प्रेम और आशीर्वाद का सम्मान है। उदलहेड़ी के लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है, वह मुझे जीवन भर याद रहेगा। इस प्रकार का स्नेह ही मुझे समाजसेवा के पथ पर और अधिक मजबूती से काम करने की प्रेरणा देता है।”
डॉ. हिमांशु जी और चिराग जी के साथ समाजहित पर विशेष चर्चा
इस धार्मिक आयोजन के बीच एक प्रेरणादायक सामाजिक बैठक भी हुई। इस अवसर पर समाज के प्रबुद्ध जन डॉ. हिमांशु जी एवं युवा समाजसेवी चिराग जी विशेष रूप से अपना कीमती समय निकालकर सोनिया शर्मा जी से भेंट करने पहुंचे।
तीनों के बीच लगभग एक घंटे तक समाजहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर और सकारात्मक चर्चा हुई। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे—शिक्षा के क्षेत्र में गरीब बच्चों की मदद, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, नशा मुक्ति अभियान और सनातन संस्कृति को युवाओं तक कैसे पहुंचाया जाए।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि अकेले व्यक्ति से बड़ा सामूहिक प्रयास होता है। यदि हम सभी मिलकर एक दिशा में काम करें तो समाज में बहुत बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। सोनिया शर्मा जी ने कहा कि उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन का उद्देश्य ही यही है कि सेवा को एक अभियान बनाया जाए, न कि केवल एक कार्य।
समाजसेवा और सनातन का संगम—सोनिया शर्मा जी का दृष्टिकोण
सोनिया शर्मा जी केवल एक समाजसेवी ही नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की प्रबल समर्थक भी हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष के रूप में वह लगातार धर्म और सेवा को जोड़ने का कार्य कर रही हैं। उनका मानना है कि धर्म बिना सेवा के अधूरा है और सेवा बिना धर्म के दिशाहीन है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के युवाओं को अपने धर्म, अपनी संस्कृति और अपने गांव से जुड़ने की आवश्यकता है। जब तक हम अपनी जड़ों से नहीं जुड़ेंगे, तब तक हमारा विकास अधूरा रहेगा। गणेश चतुर्थी जैसे पर्व हमें यही सिखाते हैं कि हम एकजुट रहें, एक-दूसरे का सहयोग करें और समाज में सकारात्मकता फैलाएं।
उनके द्वारा संचालित उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से जरूरतमंद महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए कार्य कर रहा है।
गणेश चतुर्थी का आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश
गणेश चतुर्थी केवल एक मूर्ति स्थापना का पर्व नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला सिखाता है। भगवान गणेश का बड़ा मस्तक हमें बड़ा सोचने की प्रेरणा देता है, छोटे नेत्र हमें सूक्ष्म दृष्टि रखना सिखाते हैं, बड़े कान हमें सबकी सुनना सिखाते हैं और छोटा मुंह हमें कम बोलना सिखाता है।
सोनिया शर्मा जी ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से गांव में एकता, भाईचारा और आपसी सहयोग की भावना मजबूत होती है। सभी लोग जात-पात, भेदभाव भुलाकर एक साथ भगवान की भक्ति में लीन होते हैं, यही भारत की असली सुंदरता है। उन्होंने सभी युवाओं से अपील की कि वे ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाएं।
उपसंहार और शुभकामनाएं
अंत में सोनिया शर्मा जी ने समस्त आयोजक मंडल—समस्त ग्रामवासी एवं गणगण, मुख्य कार्यकर्ता हिन्दू मैणपाल सिंह जी, डॉ. हिमांशु जी, चिराग जी और वहां उपस्थित सभी श्रद्धालुओं का हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया।
उन्होंने सभी देशवासियों और क्षेत्रवासियों को श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा, “भगवान श्री गणेश आप सभी के जीवन से सभी विघ्नों को दूर करें, आपके परिवार में सुख, समृद्धि, आरोग्य और शांति बनाए रखें। गणपति बप्पा का आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे।”
कार्यक्रम का समापन “गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया” के गगनभेदी जयकारों के साथ हुआ।
मंगल मूर्ति मोरया!
लेखिका परिचय
सोनिया शर्मा
समाजसेवी | संस्थापिका—उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन
राष्ट्रीय सनातन सेना, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष



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