राष्ट्रीय सम्मान • मिथिला मीट–2026
स्थान: दरभंगा तारामंडल-सह-विज्ञान संग्रहालय, पॉलिटेक्निक परिसर, बेला इंडस्ट्रियल एरिया, सुंदरपुर, दरभंगा, बिहार–846005
संयोजक एवं आयोजक: डॉ. दीपक कुमार महथा
मिथिला की धरती पर राष्ट्रीय सेवा-संगम
माता सीता की पावन धरती मिथिला के दरभंगा शहर में 5 और 6 सितंबर 2026 को आयोजित “मिथिला मीट–2026 एवं फाउंडर मेंबर्स समिट” सेवा जगत के लिए एक यादगार राष्ट्रीय आयोजन बना। आधुनिक विज्ञान, ज्ञान और जनचेतना के प्रतीक दरभंगा तारामंडल के भव्य सभागार में देश के विभिन्न राज्यों से आए स्वैच्छिक रक्तदाता, समाजसेवी, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और मानवता के प्रहरी एक मंच पर एकत्र हुए। यह सम्मेलन केवल सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि विविध क्षेत्रों में निःस्वार्थ कार्य कर रहे सेवाव्रतियों को परस्पर जोड़ने, उनके अनुभव सुनने तथा साझा राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित करने का सशक्त अवसर था। मिथिला की आत्मीय संस्कृति और अतिथि-सत्कार ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
दरभंगा तारामंडल: ज्ञान और संवाद का सुंदर केंद्र
कार्यक्रम का आयोजन दरभंगा तारामंडल-सह-विज्ञान संग्रहालय, पॉलिटेक्निक परिसर, बेला इंडस्ट्रियल एरिया, सुंदरपुर, दरभंगा, बिहार–846005 में हुआ। वर्ष 2023 में जनता के लिए खुले इस प्रतिष्ठित परिसर ने मिथिला मीट को आधुनिक, प्रेरक और सुव्यवस्थित वातावरण दिया। तारामंडल जहां सामान्यतः लोगों, विशेषकर बच्चों और युवाओं, को अंतरिक्ष तथा विज्ञान की अद्भुत दुनिया से परिचित कराता है, वहीं इस अवसर पर उसका सभागार सामाजिक चेतना और मानवीय संकल्प का केंद्र बना। ज्ञान की इस धरती पर जीवन बचाने वाले रक्तदाताओं तथा समाज को बेहतर बनाने वाले कार्यकर्ताओं का संवाद होना अपने आप में अत्यंत सार्थक रहा। आयोजन स्थल ने परंपरा, विज्ञान और सामाजिक उत्तरदायित्व के सुंदर समन्वय का संदेश दिया।
डॉ. दीपक कुमार महथा का दूरदर्शी संयोजन
मिथिला मीट–2026 का आयोजन डॉ. दीपक कुमार महथा के कुशल संयोजन, मार्गदर्शन और सक्रिय प्रयासों से संपन्न हुआ। सोशल एक्टिविस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ भारत (SAWAB) से जुड़े इस राष्ट्रीय मंच की परिकल्पना सेवा करने वालों की पहचान, सुरक्षा, प्रशिक्षण और पारिवारिक सहयोग जैसे गंभीर विषयों को केंद्र में रखकर की गई। उद्देश्य यह था कि मानवता, राष्ट्र, प्रकृति और समाज के लिए काम करने वाले लोग अकेले न रहें, बल्कि संगठित होकर ज्ञान, संसाधन और अनुभव साझा करें। कार्यक्रम में रक्तदान की वैज्ञानिक जानकारी, सुरक्षित रक्तदान की आवश्यकता, आपातकालीन सहयोग, संस्थागत समन्वय और सेवाव्रतियों के सम्मान पर सार्थक मंथन हुआ। डॉ. महथा का प्रयास सामाजिक ऊर्जा को संगठित राष्ट्रीय शक्ति में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
वरिष्ठ समाजसेवी सोनिया शर्मा को गौरवपूर्ण सम्मान
इस गरिमामय राष्ट्रीय आयोजन में दिल्ली की श्रेष्ठ एवं वरिष्ठ समाजसेवी तथा उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन की संस्थापिका सोनिया शर्मा को उनकी समर्पित सामाजिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके व्यक्तिगत परिश्रम के साथ-साथ उस सेवा-दृष्टि का अभिनंदन है, जिसमें जरूरतमंद मनुष्य के चेहरे पर मुस्कान लाना सबसे बड़ा पुरस्कार माना जाता है। सोनिया शर्मा लंबे समय से समाज के वंचित वर्गों, बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बेसहारा लोगों के कल्याण के लिए सक्रिय हैं। सम्मान ग्रहण करते समय उनका सेवाभाव और विनम्रता उपस्थित प्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा बनी। फाउंडेशन के लिए यह गौरव का क्षण था, जिसने उसकी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ाई कि सेवा की लौ निरंतर व्यापक क्षेत्र तक पहुंचती रहे।
असंख्य रक्तदाताओं और संस्थाओं से जुड़ने का सौभाग्य
मिथिला मीट में उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन को देश के अनेक राज्यों से आए असंख्य रक्तदाताओं, रक्तसेवा समूहों, समाजसेवियों और संस्थाओं से मिलने तथा आत्मीय संबंध स्थापित करने का सौभाग्य मिला। अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों और कार्यपद्धतियों के बावजूद सभी का लक्ष्य एक था—जरूरत के समय किसी जीवन को रक्त, सहयोग और आशा उपलब्ध कराना। आपसी परिचय से भविष्य में रक्त की आपात आवश्यकता, जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण शिविर और संयुक्त सेवा कार्यक्रमों के लिए उपयोगी नेटवर्क तैयार हुआ। अनुभवी रक्तदाताओं की यात्राएं नई पीढ़ी के लिए जीवंत पाठशाला बनीं। सम्मेलन ने स्पष्ट किया कि एक संस्था सीमित क्षेत्र में अच्छा कार्य कर सकती है, किंतु संस्थाएं मिलकर काम करें तो देशभर में सेवा का मजबूत, विश्वसनीय और संवेदनशील तंत्र बनाया जा सकता है।
सेवा, सुरक्षा और प्रशिक्षण से राष्ट्र निर्माण
दो दिवसीय आयोजन का केंद्रीय भाव था कि सामाजिक सेवा केवल भावना से नहीं, सही जानकारी, अनुशासन, पारदर्शिता और प्रशिक्षण से अधिक प्रभावी बनती है। रक्तदाताओं का स्वास्थ्य, उनकी सुरक्षा, उचित अंतराल पर रक्तदान, प्रमाणित रक्तकोष से समन्वय और परिवारों का विश्वास अत्यंत आवश्यक है। इसी प्रकार प्रकृति संरक्षण, नशामुक्ति, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण तथा कमजोर वर्गों की सहायता को अलग-अलग अभियान मानने के बजाय राष्ट्र निर्माण की एक संयुक्त प्रक्रिया समझना होगा। मिथिला मीट ने सेवाव्रतियों को सम्मान के साथ नई जिम्मेदारी भी दी—वे अपने क्षेत्रों में लौटकर सुरक्षित रक्तदान का संदेश फैलाएं, युवाओं को प्रशिक्षित करें, संस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाएं और हर सेवा कार्य में मानव गरिमा को सर्वोच्च रखें।
उज्ज्वल मंथन भारत सेवा फाउंडेशन का संदेश
हमारा संकल्प है कि मानवता की सेवा, प्रकृति की रक्षा और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य को जन-जन का संस्कार बनाया जाए। संस्था बच्चों की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य, बेसहारा एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता, बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल, महिलाओं के उत्थान एवं आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य जागरूकता, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
मिथिला मीट–2026 से मिले संबंध, सीख और सम्मान हमारे लिए मंजिल नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारी हैं। आइए, हम सब मिलकर सेवा को उत्सव, सहयोग को शक्ति और करुणा को राष्ट्र निर्माण का आधार बनाएं।





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